उससे मिलने न जाता तो क्या करता ।
मुझे बुलाया जो था उसने बडे प्यार से ।।
कैसे न उलझता मैं उसके जुल्फ के पेचों में ।
मेरे सानो पे बिखेरे थे जुल्फ उसने बडे प्यार से ।।
सब थी खबर मुझको फ़िर भी सुनता रहा ।
दिल का हाल सुनाया जो उसने बडे प्यार से ।।
मैं चाहती हु जिसे वो तुम नहीं कोई और है ।
वो कहता रहा मै सुनता रहा बडे प्यार से ।।
निकाल के ले गया दिल मेरे सिने के अन्दर से ।
खंज़र ले के बैठा था इंतजार में वो बडे प्यार से ।।
न आह निकली न उफ़ तक लबों पे आया मेरे ।

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