Thursday, 7 November 2013

आज भी

धक् से धड़क जाता है दिल आज भी |
जो मिलती है निगाहें तुमसे आज भी ||

तेरा चेहरा खिले गुलाब जैसा है आज भी |
तेरी आँखों में नशा शराब जैसा है आज भी ||

बार-बार तुझसे मिलने को दिल चाहता है आज भी |
तुझे अपना बनाने को दिल चाहता है आज भी

इस दिल में है चाहत तुम्हारे लिए आज भी |
दे दू मै अपनी जान तुम्हारे लिए आज भी ||

मगर अफ़सोस ! इन ख्यालों से बेखबर हो तुम आज भी |
नहीं कर पाया है 'चन्दन' मुहब्बत का इजहार आज भी ||

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